श्रीलंका में मरने वालों की संख्या 290, 24 गिरफ़्तार
श्रीलंका सरकार ने कहा है कि रविवार को हुए सिलसिलेवार धमाके आत्मघाती हमलावरों ने किए और इनकी साज़िश विदेश में रची गई.
पुलिस के मुताबिक अब तक हुए आठ धमाकों में 290 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 500 लोग घायल हैं. मृतकों में 36 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मरने वालों छह भारतीय हैं.
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को भारत की लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश की मौत की पुष्टि की थी. जबकि केरल के मुख्यमंत्री ने एक अन्य भारतीय नागरिक पीएस रासीना का नाम मृतकों में जोड़ा था.
कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास ने सुषमा स्वराज को सोमवार को केजी हनुमनाथाराप्पा और एम रंगरप्पा के मौत की जानकारी दी है. ये दोनों जनता दल सेक्यूलर के कार्यकर्ता हैं. इनकी मौत पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने परिवार से सांत्वना व्यक्त की है.
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमासिंघे के मुताबिक बम धमाकों के सिलसिले में कम से कम 24 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
गिरफ़्तार किए गए सभी लोग श्रीलंका के ही नागरिक हैं. इन लोगों के किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन से संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अभी तक किसी भी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
प्रधानमंत्री का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि संभावित हमलों के बारे में पुलिस के पास पहले से जानकारी थी लेकिन कैबिनेट को इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी.
हमलों के बाद रविवार को समूचे श्रीलंका में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे सोमवार सुबह हटा लिया गया। सोशल मीडिया को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.
श्रीलंका के रक्षामंत्री आर विजयवर्धन का कहना है, ''ये आत्मघाती हमले हैं. ख़ुफ़िया एजेंसियों ने हमले के बारे में सूचित किया था, लेकिन इससे पहले कि उन्हें रोका जाता, धमाके हो गए. हमले की साज़िश विदेश में रची गई.''
नेगोम्बो में एक आदमी ने एएफ़पी को बताया कि सेंट सेबस्टियन चर्च में वो और उनकी पत्नी प्रार्थना में शामिल होने गए थे.
दिलीप फर्नांडो ने कहा, "लेकिन वहां बहुत भीड़ थी. मैं वहां खड़े नहीं रहना चाहता था, इसलिए मैं दूसरे चर्च में चला गया."
लेकिन दिलीप के परिवार के कुछ सदस्य चर्च के अंदर थे, विस्फ़ोट में वो बच गए लेकिन उनका मानना है कि उन्होंने आत्मघाती हमलावर को देखा था.
दिलीप के अनुसार, "प्रार्थना के बाद उन्होंने देखा कि एक युवा भारी बैग के साथ चर्च के अंदर गया. उसने मेरे दादा का सिर भी छुआ. यही हमलावर था."
हमले किसने किए हैं, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. पकड़े गए लोगों को लेकर भी कुछ सार्वजनिक नहीं किया गया है.
श्रीलंका के दूरसंचार मंत्री हरिन फर्नांडो ने भी बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार के पास आज हुए हमलों के बारे में ख़ुफ़िया रिपोर्ट थी.
उन्होंने कहा, "इस ख़ुफ़िया रिपोर्ट के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी नहीं दी गई थी. इस रिपोर्ट को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया, ये सवाल भी कैबिनेट में उठा है."
उन्होंने बताया, "ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया है कि चार तरह से हमले हो सकते हैं. आत्मघाती बम धमाके हो सकते हैं, हथियारों से हमला हो सकता है, चाकू हमला हो सकता है या विस्फ़ोटकों से लदे ट्रक से हमला हो सकता है. इस रिपोर्ट में कुछ संदिग्धों के नाम का भी ज़िक्र है. उनके टेलिफ़ोन नंबर भी रिपोर्ट में दिए गए थे. ये आश्चर्यजनक है कि ख़ुफ़िया विभाग के पास ये रिपोर्ट थी लेकिन इस बारे में कैबिनेट या प्रधानमंत्री को नहीं पता था."
फ़र्नांडो ने कहा, "ये रिपोर्ट एक दस्तावेज़ है और ये दस्तावेज़ अब हमारे पास है. इस रिपोर्ट में कुछ नामों का भी ज़िक्र है. इसमें कुछ संगठनों के भी नाम हैं. जो मैं सुन रहा हूं उससे पता चल रहा है कि जांच सही चल रही है और हम उन लोगों तक पहुंच जाएंगे जिन्होंने ये हमले किए हैं. हमले के पीछे कौन लोग हैं और कौन समूह हैं उनकी पहचान कर ली गई है. कल शाम तक हमारे पास पूरी जानकारियां होंगी."
लोगों को इस बार का डर है कि हमले आगे भी जारी रह सकते हैं.
श्रीलंका में अब तक कुल आठ धमाके हो चुके हैं. ईस्टर पर चर्च और होटलों को निशाना बनाया गया है.
आठवें धमाके में तीन पुलिस अधिकारी भी मारे गए हैं. ये धमाका उस समय हुआ जब पुलिस अधिकारी कोलंबो में एक घर की तलाशी ले रहे थे.
अभी ये पता नहीं चल पाया है कि क्या ये धमाका बम को निष्क्रिय करने की कोशिश के दौरान हुआ.
पुलिस के मुताबिक इस धमाके के सिलसिले में दो संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया.
कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है. विदेश मंत्रालय ने मृतकों में 36 विदेशी नागरिकों के शामिल होने की आशंका ज़ाहिर की है.
धमाकों के कुछ घंटे बाद ही बीबीसी सिंहला सेवा के संवाददाता अज़्जाम अमीन ने कोलंबो जनरल अस्पताल के हवाले से बताया कि कोलंबो में लगभग 50 लोगों की मौत हुई है.
इसके अलावा बट्टिकोला में 25 लोगों की मौत हुई है और पुलिस के मुताबिक नेगोम्बो में मरने वालों की संख्या कम से कम 50 बताई.
इसके अलावा दोपहर 2 बजे भी कोलंबो में दो धमाके हुए. इनमें एक धमाका कोलंबो के डिमाटागोडा में तब हुआ जब सुरक्षाकर्मी एक घर की तलाशी ले रहे थे. इसमें तीन सुरक्षा अधिकारी मारे गए.
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने कहा है कि धमाके की जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं. उन्होंने लोगों से फ़ेक न्यूज़ पर विश्वास न करने की अपील की.
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि सुरक्षा के मसले पर एक आपात बैठक बुलाई गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बम धमाकों की निंदा करते हुए ट्वीट किया है, "श्रीलंका में भयानक धमाकों की कड़ी निंदा करता हूं. इस तरह की बर्बरता कोई जगह नहीं है. भारत श्रीलंका के लोगों के साथ है. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं."
पुलिस के मुताबिक अब तक हुए आठ धमाकों में 290 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 500 लोग घायल हैं. मृतकों में 36 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मरने वालों छह भारतीय हैं.
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को भारत की लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश की मौत की पुष्टि की थी. जबकि केरल के मुख्यमंत्री ने एक अन्य भारतीय नागरिक पीएस रासीना का नाम मृतकों में जोड़ा था.
कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास ने सुषमा स्वराज को सोमवार को केजी हनुमनाथाराप्पा और एम रंगरप्पा के मौत की जानकारी दी है. ये दोनों जनता दल सेक्यूलर के कार्यकर्ता हैं. इनकी मौत पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने परिवार से सांत्वना व्यक्त की है.
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमासिंघे के मुताबिक बम धमाकों के सिलसिले में कम से कम 24 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
गिरफ़्तार किए गए सभी लोग श्रीलंका के ही नागरिक हैं. इन लोगों के किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन से संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अभी तक किसी भी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
प्रधानमंत्री का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि संभावित हमलों के बारे में पुलिस के पास पहले से जानकारी थी लेकिन कैबिनेट को इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी.
हमलों के बाद रविवार को समूचे श्रीलंका में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे सोमवार सुबह हटा लिया गया। सोशल मीडिया को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.
श्रीलंका के रक्षामंत्री आर विजयवर्धन का कहना है, ''ये आत्मघाती हमले हैं. ख़ुफ़िया एजेंसियों ने हमले के बारे में सूचित किया था, लेकिन इससे पहले कि उन्हें रोका जाता, धमाके हो गए. हमले की साज़िश विदेश में रची गई.''
नेगोम्बो में एक आदमी ने एएफ़पी को बताया कि सेंट सेबस्टियन चर्च में वो और उनकी पत्नी प्रार्थना में शामिल होने गए थे.
दिलीप फर्नांडो ने कहा, "लेकिन वहां बहुत भीड़ थी. मैं वहां खड़े नहीं रहना चाहता था, इसलिए मैं दूसरे चर्च में चला गया."
लेकिन दिलीप के परिवार के कुछ सदस्य चर्च के अंदर थे, विस्फ़ोट में वो बच गए लेकिन उनका मानना है कि उन्होंने आत्मघाती हमलावर को देखा था.
दिलीप के अनुसार, "प्रार्थना के बाद उन्होंने देखा कि एक युवा भारी बैग के साथ चर्च के अंदर गया. उसने मेरे दादा का सिर भी छुआ. यही हमलावर था."
हमले किसने किए हैं, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. पकड़े गए लोगों को लेकर भी कुछ सार्वजनिक नहीं किया गया है.
श्रीलंका के दूरसंचार मंत्री हरिन फर्नांडो ने भी बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार के पास आज हुए हमलों के बारे में ख़ुफ़िया रिपोर्ट थी.
उन्होंने कहा, "इस ख़ुफ़िया रिपोर्ट के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी नहीं दी गई थी. इस रिपोर्ट को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया, ये सवाल भी कैबिनेट में उठा है."
उन्होंने बताया, "ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया है कि चार तरह से हमले हो सकते हैं. आत्मघाती बम धमाके हो सकते हैं, हथियारों से हमला हो सकता है, चाकू हमला हो सकता है या विस्फ़ोटकों से लदे ट्रक से हमला हो सकता है. इस रिपोर्ट में कुछ संदिग्धों के नाम का भी ज़िक्र है. उनके टेलिफ़ोन नंबर भी रिपोर्ट में दिए गए थे. ये आश्चर्यजनक है कि ख़ुफ़िया विभाग के पास ये रिपोर्ट थी लेकिन इस बारे में कैबिनेट या प्रधानमंत्री को नहीं पता था."
फ़र्नांडो ने कहा, "ये रिपोर्ट एक दस्तावेज़ है और ये दस्तावेज़ अब हमारे पास है. इस रिपोर्ट में कुछ नामों का भी ज़िक्र है. इसमें कुछ संगठनों के भी नाम हैं. जो मैं सुन रहा हूं उससे पता चल रहा है कि जांच सही चल रही है और हम उन लोगों तक पहुंच जाएंगे जिन्होंने ये हमले किए हैं. हमले के पीछे कौन लोग हैं और कौन समूह हैं उनकी पहचान कर ली गई है. कल शाम तक हमारे पास पूरी जानकारियां होंगी."
लोगों को इस बार का डर है कि हमले आगे भी जारी रह सकते हैं.
श्रीलंका में अब तक कुल आठ धमाके हो चुके हैं. ईस्टर पर चर्च और होटलों को निशाना बनाया गया है.
आठवें धमाके में तीन पुलिस अधिकारी भी मारे गए हैं. ये धमाका उस समय हुआ जब पुलिस अधिकारी कोलंबो में एक घर की तलाशी ले रहे थे.
अभी ये पता नहीं चल पाया है कि क्या ये धमाका बम को निष्क्रिय करने की कोशिश के दौरान हुआ.
पुलिस के मुताबिक इस धमाके के सिलसिले में दो संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया.
कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है. विदेश मंत्रालय ने मृतकों में 36 विदेशी नागरिकों के शामिल होने की आशंका ज़ाहिर की है.
धमाकों के कुछ घंटे बाद ही बीबीसी सिंहला सेवा के संवाददाता अज़्जाम अमीन ने कोलंबो जनरल अस्पताल के हवाले से बताया कि कोलंबो में लगभग 50 लोगों की मौत हुई है.
इसके अलावा बट्टिकोला में 25 लोगों की मौत हुई है और पुलिस के मुताबिक नेगोम्बो में मरने वालों की संख्या कम से कम 50 बताई.
इसके अलावा दोपहर 2 बजे भी कोलंबो में दो धमाके हुए. इनमें एक धमाका कोलंबो के डिमाटागोडा में तब हुआ जब सुरक्षाकर्मी एक घर की तलाशी ले रहे थे. इसमें तीन सुरक्षा अधिकारी मारे गए.
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने कहा है कि धमाके की जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं. उन्होंने लोगों से फ़ेक न्यूज़ पर विश्वास न करने की अपील की.
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि सुरक्षा के मसले पर एक आपात बैठक बुलाई गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बम धमाकों की निंदा करते हुए ट्वीट किया है, "श्रीलंका में भयानक धमाकों की कड़ी निंदा करता हूं. इस तरह की बर्बरता कोई जगह नहीं है. भारत श्रीलंका के लोगों के साथ है. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं."
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